निर्भया केस पर आये फैसले के बाद पढ़े ''बिहार-सवेरा'' टीम के ''विकाश जी'' की स्पेशल रिपोर्ट हिंदी में :-
भारतीय इतिहास में आज का यह काला दिन मै तो नहीं भूल सकता जब निर्भया केस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी यह कह दिया की मै कानून से ऊपर नहीं जा सकता .... एक सच्चे देशभक्त आज गाली देते होंगे उस कानून बनाने वाले को जिसने यह अँधा कानून बनाया...
16 DECEMBER की वह काली रात शायद ही आप भूल गए हो...बता दे आपको इसी दिन देश की बेटी निर्भया का बलात्कार कुल 5 लोग मिलकर किये थे|
परन्तु निर्भया के बलात्कारी नाबालिक से बालिक बन कर छूटे उस हैवान की रिहाई को इतनी जल्दी नहीं भूल सकते....पहले बलात्कार करना फिर पेट में रड घुसा कर मार देना शायद मानव के रूप में जंगली जानवर से भी घिनौना हरकत करने वाले इस शख्स को मै तो कभी इंसान की श्रेणी में न ही रखूँगा .....!!!
रेपिस्ट को रविवार को ही छोड़ दिया गया था. फिलहाल उसे दिल्ली के ही एक एनजीओ की निगरानी में ऑब्जर्वेशन होम में रखा गया है. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने तय प्रक्रिया के मुताबिक उसे दो साल तक एनजीओ की निगरानी में रखने का फैसला लिया है.
उस जानवर का नाम मो.और अफरोज था साथ में 4 थे जिसमे 1 ने खुद जान दे दी और ३ को फांसी के तक्थे पर चढाने का फैसला दिया गया है ... परन्तु 20 दिसंबर 2015 के दिन उस हैवान/सैतान/जानवर को भारतीय उच्च न्यायालय ने रिहाई दे दी और उसे रिहा भी कर दिया गया .... और इसके साथ ही आमजनों को यह विश्वास दिला दिया की वाकई ""कानून अँधा होता है"
आज एहसास हो गया ""निर्भया"" तुम हार गयी...ओ जीत गए और वे इसलिए जीते की उसे अँधा कानून ने जिताया....
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आज सारा देश एक स्वर में यही पुकार रहा है "KILL THE KILLER OF HUMANITY"