Wednesday, 13 January 2016

बदल सकता है जदयू का प्रतिक चिन्ह

पटना।
जदयू का चुनाव चिह्न बदलेगा। तीर के बजाए खेत जोतता हुआ किसान, बरगद, झोपड़ी या समाजवादी आंदोलन और इस विचारधारा की पुरानी पार्टियों लोकदल समेत अन्य के चिह्नों में से किसी एक को पार्टी अपना सिंबल बना सकती है।
मकर संक्रांति के बाद जदयू चुनाव चि बदलने की दिशा में काम तेजकर देगा। 15 जनवरी को पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव समेत अन्य शीर्ष नेता निर्णय करेंगे कि जदयू का नया सिंबल क्या होगा।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह सांसद केसी त्यागी ने यह जानकारी दी। कहा कि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में तीर चुनाव चिह्न के कारण जदयू को नुकसान हुआ। शिवसेना व झारखंड मुक्ति मोर्चा के चुनाव चिह्न जदयू से मिलते-जुलते हैं।
इस कारण कई विधानसभा क्षेत्रों में कम पढ़े-लिखे लोगों ने जदयू के नाम पर दूसरे दलों को वोट दिया। इससे सावधानी बरतते हुए पिछले दिनों राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी का चुनाव चिह्न बदलने पर विचार हुआ था।

त्यागी ने कहा कि सांसद आरसीपी सिंह के साथ वे चुनाव आयोग से इस मसले पर बातचीत करने गए थे। चुनाव आयोग ने सिंबल बदलने का प्रस्ताव पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में पास करा कर आवेदन करने को कहा।
15-16 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू अध्यक्ष शरद यादव के साथ आला नेताओं की बैठक होगी। आयोग ने चिह्न बदलने को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही जदयू का चुनाव चिह्न तीर समाप्त हो जाएगा।

नक्सली आतंक के साये में जीने पर मजबुर अनुमण्डलवासी ।

खबर गया जिले से....

आमस(गया)- नक्सलियों  ने  अनुमण्डल पुलिस की नींद उड़ाकर रख दिया है। उनलोगों द्वारा किये जा रहे लगातार वारदात के रिकॉर्ड पर अगर एक झलक डालें तो 2016 के शुरूआती दौर में सारे मनसूबों में कामयाब दिख रहे हैं। बताते चलें की अब तक चार बड़ी घटनाओं को अंजाम देकर यह साबित कर चुकी है कि पुलिस भी उनका  कुछ बिगाड़ नही सकती।

       गौरतलब है कि 1जनवरी की रात्रि शेतघाटी थाना क्षेत्र लकड़देवा गाँव के समीप बिजली के 8 ड्रम केबल को आग के हवाले कर दिया। 9 जनवरी रात्रि डोभी थाना क्षेत्र धीरजा पुल के समीप सड़क निर्माण में लगे रमियां कंस्ट्रक्शन कंपनी के एक पोकलेन को लेवी न मिलने के कारण जलाकर राख कर दिया। उधर पुलिस नक्सली को पकड़ने के फ़िराक में जुटी ही थी के  12 जनवरी रात्रि एनएच-2 डोभी थाना क्षेत्र पिपरघटी स्थित प्रेम पेट्रोल पंप के नोजल में आग लगाने का असफल प्रयास रहा

                               नक्सलियों  का आतंक यही नही रुका है अब बच्चों के नेवालों पर जा टिकी है। मालुम हो अनुमण्डल के सारे  प्रखण्ड के एमडीएम प्रभारियों को फोन पर आरसीसी द्वारा लेवी का डिमांड किया गया। जिससे साफ़ जाहिर होता है के उनलगो के नज़र में अब शिक्षा विभाग भी अछूता न रहा।गत सप्ताह  आमस प्रखण्ड के  बीइओ को भी माओवादियों ने धमकी दिया था।

एच० रहमान(रिंकु), आमस शेरघाटी गया।