Monday, 1 February 2016

"अनुशब्द" की गूंज भारत के "प्रधानमंत्री" तक...

"अनुशब्द"-काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह का एक अद्भुत आयोजन विश्वविद्यालय के छात्रो द्वारा इसी 22-23 जनवरी को किया गया था।उक्त कार्यक्रम में एक तरफ जहा राष्ट्रिय कवियो (नवाज देवबंदी,रमेश शर्मा,बी पी बिप्लवी,हरिराम दिवेदी,भालचंद्र त्रिपाठी) ने अपने कविताओं का पाठ किया ।वही दूसरी ओर विश्वविद्यालय के युवा कवियों (आर्य भारत,गौरव सिंह,अमन राज,शाश्वत उपाध्याय(बलिया से)सारुल,विहाग बैभव,सिदार्थ प्रियदर्शी,शाक्षी गर्ग आदि छात्रो) ने भी अपनी कविताओं पर जम कर तालियाँ बटोरी। पुरे कार्यक्रम में सबसे अद्भुत व् यहा के छात्रो के लिए अविस्मरणीय आयोजन था भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर के नाट्य "विदेसिया" का मंचन।वही युवाओं के मांग को देखते हुए संगीत महोत्सव का भी आयोजन किया गया था...संगीत संध्या का सुरमई आगाज भोजपुरी की लोकगायिका चन्दन तिवारी ने किया।

पूर्ण कार्यक्रम का नेतृत्व कार्यक्रम  संयोजक "प्रो. डी.सी. राय"कर रहे थे तो कार्यक्रम के समन्वयक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका में थे यहाँ के पूर्व छात्र अमित उपाध्याय।वही कार्यक्रम के सफल आयोजन को रितेश दुबे,विकाश जी,आर्य भारत,गौरव सिंह,धीरेन्द्र राय,सन्नी सुमन,धीरज कुमार,ज्योति सिंह,संध्या सिंह,प्रियांशु,कृष्णा पटेल,दीपक कुमार,सौरव राय,शिवम् चौबे,नेहा दुबे,सौरव राय,आदि दिन रात प्रयासरत थे।
कार्यक्रम कितना सफल रहा इसकी चर्चाए तो विश्वविद्यालय प्रांगण में विगत 5 दिनों से हो ही रही थी लेकिन इसके सफलता की परिकल्पना हम कार्यक्रम की सफलता को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा भेजे गये शुभकामना सन्देश से तो कर ही सकते है जो कार्यक्रम संयोजक को प्रधानमंत्री ने पत्र से भेजा है।


कार्यक्रम की सफलता से उत्साहित टीम अनुशब्द के उर्जावान सदस्यों का कहना है की "अनुशब्द" अब एक टीम नहीं एक परिवार है जो भविष्य में विश्वविद्यालय में एक से बढ़ कर एक आयोजन देने को प्रयासरत रहेगी।

छात्रो के इस जूनून और प्रधानमन्त्री के शुभकामना संदेश के बाद हमे यह कहने ने तनिक भी अतिश्योक्ति नहीं होगी की छात्रो के इस जूनून ने "अनुशब्द" की गूंज प्रधानमन्त्री तक पहुचा दिया और स्वयं प्रधानमन्त्री ने पत्र लिख शुभकामना भेजा है।