Sunday, 29 November 2015

मोतीझील महोत्सव के विरोध में सड़को पर उतरा ''चंपारण छात्र संघ''








मोतीझील महोत्सव के कार्यक्रम की अभी अंतिम तैयारियां ही चल रही थी की सोशल साइट्स से लगातार विरोध के बाद ''चंपारण छात्र संघ'' इसके विरोध में अपनी पूरी टीम के साथ सरको पर उतर गया | ज्ञात हो की कल ही के दिन मोतीझील महोत्सव का शुभारम्भ किया गया और इसके सुभारम्भ के दिन ही चंपारण छात्र संघ ने अपने विरोधी तेवर को सरको पर ला खरा किया | शहर के भारी संख्या में छात्र ,युवा व् बुद्धिजीवी वर्ग इस विरोध में शामिल हुआ |विरोध की शुरुआत शहर के प्रमुख चौक गांधी चौक पर संघ के सदस्यों ने इसके विरोध में हस्ताक्षर अभियान चला कर किया साथ ही संघ के सदस्यों ने लोगो को बताया की मोतीझील के मौत पर इस महोत्सव का औचित्य तनिक भी जायज नहीं है यह महोत्सव मोतीझील के मौत पर जश्न जैसा है व् लोगो से भी इस सन्दर्भ में राय ली की यह होना चाहिए या नहीं |पुनः सदस्यों ने काले झंडे के साथ नगर परिसद मोतिहारी विरोधी नारे के साथ अपने तय कार्यकर्म विरोध मार्च की शुरुआत गांधी चौक से की जो मोतीझील पथ होते हुए महोत्सव स्थल तक पंहुचा |

उक्त कार्यक्रम व् विरोधमार्च का नेतृत्व चंपारण छात्र संघ के अध्यक्ष आशुतोष सिंह व् महासचिव राजन गुप्ता कर रहे थे|विरोध मार्च के महोत्सव स्थल पहुँचते ही छात्र-युवाओ के महकमे का गर्म विरोधात्मक तेवर देख महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे कार्यकर्ता वहा से खिसकते बने |इसके बाद चंपारण छात्र संघ के सदस्य वहा नगर परिसद मुर्दाबाद , कार्यक्रम संयोजक मुर्दाबाद सहित कई नारे लगाये...विरोध मार्च के शुरुआत के बाद सरक चलते लोगो का भी सहयोग उक्त मार्च में संघ को प्राप्त हुआ...

कार्यक्रम का नेतृत्व करते संघ के अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने मीडिया से कहा की चंपारण के शिक्षा व् संस्कृति के दोहन को चंपारण छात्र संघ कभी बर्दास्त नहीं करेगा जब जब चंपारण के शिक्षा व् संस्कृति का दोहन होगा छात्र संघ इसी तरह सरको पर उतरेगा...

वही चंपारण छात्र संघ के महासचिव राजन गुप्ता ने कहा की मोतीझील महोत्सव का आयोजन मोतीझील को दिन प्रति दिन राजनितिक अखाड़ा बनाते जा रहा है मोतीझील महोत्सव का आयोजन मोतीझील के मौत पर जश्न जैसा है यह अनुचित है...

वही सोशल मीडिया पर मोतीझील महोत्सव के विरोध की कमान संभाले चंपारण छात्र संघ के संयोजक विकाश राज ने कहा की मोतीझील पीरा से कराह रही है उसे मनोज तिवारी और नीतू कुमारी नूतन के संगीत की आवश्यकता नही उसे सफाई की आवश्यकता है सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जो बरी राशि खर्च हो रही है अगर उसका उपयोग मोतीझील के किसी हिस्से अथवा कुछ घाटो की सफाई कर दी जाए तो इससे मोतीझील को एक नया आयाम मिलेगा और अगर यह प्रति वर्ष होता रहे तो वह दिन दूर नहीं जब मोतीझील भी अपने खूबसूरती पर निखरा करेगी|



उक्त विरोध कार्यक्रम में चंपारण छात्र संघ के उपाध्यक्ष अमित प्रताप,प्रखंड संयोजक केशु श्रीवास्तव,दिवाकर सिंह,आशु सिंह,मनोज श्रीवास्तव,सिद्दार्थ राज ,रोहित राज,अस्करी राजा,विजय कुमार,कमलेश,गणेश,शिवम कुमार,आनंद कुमार बर्णवाल,रिंकू राज,अफरोज आलम,शुभम कुमार,अर्जुन कुमार,नासिर,मो इमरान,प्रकाश चन्द्र,नीरज कुमार,दीपनारायण,साहिल कुमार,राहुल रौशन,ललित प्रताप,गणेश कुमार,शुभम गुप्ता,योगेश गुप्ता,विवेक राज,गौरव,आशीष कुमार सहित दर्जनो छात्र युवा व् बुद्धिजीवी थे|

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